70 साल तक अल्लाह की इबादत ओर बख्शीश नहीं हुई see

70 साल तक अल्लाह की इबादत ओर बख्शीश नहीं हुई . . . . 
एक अल्लाह के नेक बन्दे जिन्होंने *70 साल तक अल्लाह की इबादत* में गुजार दिए…
इंतेक़ाल के बाद आप एक मुरीद के ख्वाब में आये
मुरीद ने पूछा हज़रत क्या हाल है ?
आप ने फरमाया की कुछ नहीं, बस बख्शीश नहीं हुई है अभी तक …
मुरीद ने कहा हज़रत आप ने 70 साल तक अल्लाह की इबादत की है !
*बख्शीश कैसे नहीं हुई ?*
आप ने फ़रमाया – उस 70 साल की इबादत के बारे में तो मुझसे पूछा ही नहीं गया,
मेरा मामला तो बस एक बात पर रुका हुआ है !
पूछा- क्या मामला है ?
हज़रत ने फ़रमाया
एक मर्तबा में अपने आँगन में बैठा हुआ था तेज़ धुप थी और अचानक बारिश होने लगी,
और मेरे मुह से निकल गया
“उफ़ ये बेवक़्त की बारिश”
बस अल्लाह ने मुझसे पूछा है की वो बारिश बेवक़्त कैसे थी इसे साबित करो….
क्योंकि अल्लाह के यहाँ तो हर चीज़ का एक वक़्त मुक़र्रर है
अब में उसे बेवक़्त कैसे साबित करूँ….?
ये तेज़ गर्मी।
तेज़ बारिश।
या तेज़ सर्दी ।
सब अल्लाह की मर्जी है !
कब क्या करना है और कैसे करना है उसके यहाँ सब तय है ।।।
उसके कामो में अपनी कमअक्ली न लगाएं और
अपनी ज़ुबान से ऐसे अलफ़ाज़ कभी भी ना निकले जो उसकी शान के खिलाफ हो ।
अल्लाह हम सबको अमल की तौफ़ीक़ फरमाये 
*आमीन*
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